Guru Purnima 2026 : 29 जुलाई को है गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व, केवल एक तिथि नहीं, बल्कि आभार प्रकट करने का पर्व है
Guru Purnima 2026 : 29 जुलाई को है गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व, जानें शुभ मुहूर्त और सरल पूजन विधि की महत्वपूर्ण जानकारी-गुरु पूर्णिमा 2026 29 जुलाई को है। जानें ब्रह्म मुहूर्त (04:17–04:59 AM) व पूजा का सर्वश्रेष्ठ समय (05:41–09:05 AM)। पढ़ें महत्व, वेदव्यास जी की स्मरण व सरल पूजन विधि-स्नान, संकल्प, भोग वंदन के साथ। गुरु पूर्णिमा हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है, जो गुरु-शिष्य की अटूट परंपरा को समर्पित है। वर्ष 2026 में यह पर्व 29 जुलाई, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह महर्षि वेदव्यास का जन्मोत्सव है-जिन्होंने चारों वेदों का संकलन किया और हमें अमूल्य वैदिक साहित्य प्रदान किया। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन गुरु का पूजन करने से जीवन में सुख, शांति और ज्ञान की प्राप्ति होती है। साथ ही, ब्रह्म मुहूर्त और प्रातःकालीन विशेष मुहूर्त में की गई साधना अनेक गुना फलदायी मानी जाती है। आइए, विस्तार से जानें इस वर्ष के शुभ समय, पर्व का गहरा अर्थ और पूजन का सरल वैदिक तरीका।
गुरु पूर्णिमा 2026 का मुहूर्त और समय
Muhurat and Timings (Guru Purnima 2026)
- ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat)-सुबह 04:17 से 04:59 बजे तक
- पूजा का सर्वश्रेष्ठ प्रातःकालीन मुहूर्त-पूजा का संकल्प लें कि आप विधि-विधान से गुरु एवं वेदव्यास जी का पूजन करेंगे।

पूजा स्थान की सज्जा-Setting Up the Altar
- घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाएं।
- चौकी पर भगवान वेदव्यास या अपने गुरु महाराज का चित्र/मूर्ति स्थापित करें।
- चित्र के सामने दीपक, धूप, रोली, चंदन, अक्षत, पीले पुष्प और मौसमी फल सजाएं।
पूजन सामग्री अर्पित करने का सही व सरल तरीका-
Offering Puja Samagri
- रोली एवं चंदन का तिलक लगाएं ।
- अक्षत (चावल) और पीले फूल अर्पित करें।
- दीपक जलाकर आरती करें एवं धूप से वातावरण पवित्र करें।
भोग लगाना और वंदन प्रार्थना -Offering Bhog and Vandana
- पीली मिठाई (जैसे लड्डू या केसरी खीर) का भोग अर्पित करें।
- यदि आपके गुरुजन उपस्थित हों तो उनके चरण धोकर तिलक लगाएँ और आशीर्वाद प्राप्त करें।
- अनुपस्थित गुरु के लिए उनका ध्यान करते हुए प्रार्थना करें और क्षमा याचना करें।
- अंत में परिक्रमा करें और सभी का आशीर्वाद लें।