Bihar UP Chhath Special Dish : पारंपरिक छठ पर्व वाली कद्दू की सब्जी रेसिपी स्वाद में परंपरा व भक्ति का संगम – छठ पूजा सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय लोकजीवन की सरलता और सात्त्विकता का प्रतीक है। इस पर्व पर बनने वाले व्यंजन भी उतने ही पवित्र और विशिष्ट होते हैं। इन्हीं पारंपरिक पकवानों में एक खास नाम है – “जगान्नथिया”, यानी कद्दू की सब्जी। घी, पंच फोरन और गुड़ से तैयार यह मीठी-तीखी सब्जी न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि यह व्रती को शक्ति और तृप्ति दोनों देती है। बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छठ पूजा के नहाय-खाय और खरना के दिन यह सब्जी विशेष रूप से बनाई जाती है। छठ पूजा पर बनने वाली जगान्नथिया यानी कद्दू की सब्जी का स्वाद हर व्रती के दिल को छू जाता है। पंच फोरन, घी और गुड़ से बनी यह पारंपरिक रेसिपी पूजा के प्रसाद में विशेष स्थान रखती है। जानिए इसे बनाने की आसान विधि।
छठ पर्व वाली कद्दू की सब्जी बनाने की सामग्री (Ingredients)
- कद्दू – 500 ग्राम (छोटे चौकोर टुकड़ों में, छिलके सहित)
- पंच फोरन – 1 चम्मच (जीरा, मेथी, कलौंजी, सौंफ और राई का मिश्रण)
- घी – 2 से 3 चम्मच
- सूखी लाल मिर्च – 2 से 3
- हल्दी – ½ चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- गुड़ या चीनी – 20 ग्राम तक
छठ पर्व वाली कद्दू की सब्जी बनाने की विधि (Method)
घी और तड़का तैयार करें – कढ़ाई में घी गर्म करें। इसमें पंच फोरन और सूखी लाल मिर्च डालकर खुशबू आने तक भूनें।
कद्दू डालें – अब कटे हुए कद्दू के टुकड़े डालें और अच्छी तरह मिलाएं ताकि मसाले चारों ओर समान रूप से लग जाएं।
मसाले मिलाएं – हल्दी और नमक डालें, ढक्कन लगाकर धीमी आंच पर पकने दें।
गुड़ मिलाएं – जब कद्दू नरम हो जाए, तो इसमें गुड़ डालकर चलाएं। गुड़ के पिघलते ही सब्जी में हल्की मिठास घुल जाएगी।
अंतिम पकाव – जब कद्दू सुनहरा दिखने लगे और उसका रस थोड़ा सूख जाए, तब गैस बंद कर दें। आपकी जगान्नथिया तैयार है।
परोसने का तरीका (Serving Suggestion) – यह सब्जी अरवा चावल, रोटी या पूरी के साथ परोसी जाती है। इसका स्वाद इतना संतुलित होता है कि यह न बहुत मीठी लगती है, न बहुत तीखी, बिल्कुल व्रती भोजन के अनुरूप।
निष्कर्ष (Conclusion) – छठ पूजा के प्रसाद में शामिल जगान्नथिया (कद्दू की सब्जी) केवल एक व्यंजन नहीं, बल्कि एक परंपरा का स्वाद है। यह सादगी, श्रद्धा और स्वदेशीपन की सुंदर मिसाल है। इस छठ पूजा पर जब आप प्रसाद तैयार करें, तो इस सुगंधित कद्दू की सब्जी को जरूर बनाएं — क्योंकि इसमें छिपा है त्योहार का असली भाव: “भक्ति में स्वाद, और स्वाद में भक्ति।”