Academic Induction Program In TRS College Rewa : परिसर एवं केंद्रीय पुस्तकालय का भ्रमण
Academic Induction Program In TRS College Rewa : टीआरएस महाविद्यालय-नवप्रवेशितों हेतु दीक्षारंभ व शैक्षणिक अभिमुखीकरण कार्यक्रम-उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार एवं महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी के कुशल मार्गदर्शन में शासकीय ठाकुर रणमत सिंह (टी.आर.एस.) महाविद्यालय, रीवा के समाजशास्त्र विभाग ने स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए एक भव्य दीक्षारंभ एवं शैक्षणिक अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन का मूल उद्देश्य नए विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन वातावरण, विभागीय कार्यप्रणाली, शैक्षणिक गतिविधियों तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए उपलब्ध अवसरों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में विभाग के सभी प्राध्यापकों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें एक अनुशासित एवं शोधपरक शैक्षणिक यात्रा के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने नई ऊर्जा के साथ अपने शैक्षणिक सफर की शुरुआत की।टी.आर.एस. महाविद्यालय, रीवा के समाजशास्त्र विभाग में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ एवं शैक्षणिक अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन-विभागीय गतिविधियों, पुस्तकालय, अनुशासन एवं भविष्य के अवसरों की विस्तृत जानकारी।
कार्यक्रम का शुभारंभ एवं आत्मीय स्वागत
Program Inauguration and Hearty Welcome
कार्यक्रम की शुरुआत सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों के आत्मीय स्वागत के साथ हुई। विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश शुक्ल ने विद्यार्थियों को समाजशास्त्र विभाग की स्थापना, अब तक की शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध गतिविधियों तथा विभाग द्वारा संचालित विविध अकादमिक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही, उन्होंने विषय में उपलब्ध रोजगार के अवसरों एवं उच्च अध्ययन की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। डॉ. शुक्ल ने सभी विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुसंधानपरक दृष्टिकोण विकसित करने और विभागीय गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
अनुशासन, समयपालन एवं सकारात्मक सोच पर विशेष जोर
Emphasis on Discipline, Punctuality and Positive Thinking
डॉ. महानंद द्विवेदी ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की समृद्ध शैक्षणिक परंपराओं, अनुशासित वातावरण एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि अनुशासन, समयपालन और सकारात्मक सोच ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला हैं। डॉ. शाहेदा सिद्दीकी ने नियमित कक्षाओं में उपस्थिति, महाविद्यालयीन नियमों के पालन तथा निर्धारित ड्रेस कोड का अनुपालन करने पर बल दिया। उन्होंने अनुशासित एवं उत्तरदायी छात्र जीवन के महत्व को रेखांकित किया।

पुस्तकालय एवं डिजिटल संसाधनों के उपयोग की सलाह
Guidance on Library and Digital Resources
डॉ. मधुलिका श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को पुस्तकालय के नियमित उपयोग, संदर्भ पुस्तकों के अध्ययन की आदत डालने और महाविद्यालय की वेबसाइट पर प्रतिदिन नोटिस एवं शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन करने की सलाह दी। उन्होंने डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल देते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा में ऑनलाइन संसाधनों का सही उपयोग अत्यंत आवश्यक है।
सेमिनार, कार्यशालाएँ एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ
Seminars, Workshops and Co-curricular Activities
डॉ. निशा सिंह एवं डॉ. प्रियंका पाण्डेय ने विद्यार्थियों को विभाग में वर्षभर आयोजित होने वाले सेमिनार, कार्यशालाओं, व्याख्यानमालाओं, शैक्षणिक भ्रमण, शोध गतिविधियों तथा सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी नवागंतुकों को इन आयोजनों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया, ताकि वे अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास कर सकें।
परिसर एवं केंद्रीय पुस्तकालय का भ्रमण
Campus and Central Library Visit
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को महाविद्यालय परिसर और केंद्रीय पुस्तकालय का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने पुस्तकालय की विभिन्न सुविधाओं, ई-संसाधनों एवं संदर्भ सामग्री की जानकारी प्राप्त की। इस भ्रमण ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की भौतिक एवं शैक्षणिक संरचना से रूबरू होने का अवसर प्रदान किया।
संचालन एवं आभार प्रदर्शन
Conduct and Vote of Thanks
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. शालिनी पाण्डेय ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. फरजाना बानों ने व्यक्त किया। आयोजन को सफल बनाने में योगेश निगम एवं रत्नेश मिश्रा का सराहनीय सहयोग रहा। अंत में विद्यार्थियों ने विभागीय शिक्षकों से संवाद स्थापित कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
निष्कर्ष-इस दीक्षारंभ एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को न केवल महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था से अवगत कराया, बल्कि उन्हें अपने विषय के प्रति गहरी रुचि और शोधपरक दृष्टिकोण विकसित करने की प्रेरणा भी दी। विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश शुक्ल के नेतृत्व में संपूर्ण विभाग ने इस आयोजन को सार्थक रूप देने में अहम भूमिका निभाई। विद्यार्थियों ने महाविद्यालयीन जीवन की इस नई शुरुआत के प्रति अपार उत्साह व्यक्त किया और इस अवसर को अपने शैक्षणिक भविष्य के लिए एक मजबूत आधार माना। यह कार्यक्रम समाजशास्त्र विभाग की छात्र-केंद्रित दृष्टि और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।