Rewa Goldi's Murder Case 2026 : नाम बदलकर इंस्टाग्राम पर की दोस्ती, फिर शादी के मात्र 35 दिन बाद कब्र से निकली गोल्डी की लाश
Rewa Goldi’s Murder Case 2026 : नाम बदलकर इंस्टाग्राम पर की दोस्ती, फिर शादी के मात्र 35 दिन बाद कब्र से निकली गोल्डी की लाश-गोल्डी साकेत हत्याकांड-इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती, नाम बदलकर की शादी, 35 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव, रीवा की 20 वर्षीय गोल्डी साकेत की संदिग्ध मौत ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। एक ओर जहां परिजन बेटी की हत्या का आरोप लगा रहे हैं, वहीं 35 दिन बाद कब्र से शव निकालकर हिंदू रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार किए जाने ने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। सोशल मीडिया पर दोस्ती, नाम बदलकर शादी और फिर संदिग्ध मौत-इस पूरे मामले ने सैकड़ों सवाल खड़े कर दिए हैं। “साहिल मेरे कपड़े उतार देता। फिर मुझे नंगा कर मारता। उसे मेरी चीखें सुनकर सुकून मिलता है…” ये शब्द हैं रीवा की रहने वाली गोल्डी साकेत के, जो वह अपनी मां से फोन पर छिप-छिपकर कहती थी। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के तमरी गांव की 20 वर्षीय गोल्डी साकेत की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए बने रिश्तों की दरारें उजागर कर दी हैं। परिवार ने आरोप लगाया है कि युवती की हत्या की गई और मामले को दबाने की कोशिश की गई।रीवा की 20 वर्षीय गोल्डी साकेत की संदिग्ध मौत का पूरा मामला। इंस्टाग्राम पर दोस्ती, नाम बदलकर शादी, प्रताड़ना और 35 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव। पढ़ें पूरी कहानी।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती ‘प्रिंस’ बनकर आया साहिल
Friendship Began on Instagram, Sahil Arrived as Prince
तीन साल पहले इंस्टाग्राम पर गोल्डी की मुलाकात एक युवक से हुई, जिसने खुद को ‘प्रिंस’ बताया। धीरे-धीरे दोनों की बातचीत बढ़ी और प्रेम संबंध में बदल गई। गोल्डी हैदराबाद की एक बिस्किट फैक्ट्री में काम करती थी, वहीं ‘प्रिंस’ यानी साहिल खान भी हैदराबाद में ही एक टेलरिंग शॉप में नौकरी करता था।
पहले की मंदिर में शादी,बाद में किया निकाह और फिर धोखा
Temple Marriage, Then Nikah, and the Deception Revealed
करीब छह महीने पहले दोनों ने हैदराबाद के एक मंदिर में शादी कर ली। शादी के बाद गोल्डी को पता चला कि “प्रिंस” का असली नाम साहिल खान है और वह प्रयागराज का रहने वाला है। इस धोखे के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ, लेकिन साहिल ने उसे मना लिया और फिर दोनों ने मस्जिद में निकाह कर लिया। गोल्डी की मां बेबी साकेत का आरोप है कि साहिल के परिवार वाले इस शादी से खुश नहीं थे और गोल्डी को लगातार ताने देते थे।
गोल्डी को कपड़े उतारकर पीटता था साहिल खान, बोली चीखों में सुकून ढूंढता था
He Would Strip and Beat Me Found Peace in My Screams
शादी के बाद गोल्डी का जीवन नर्क बन गया। मां बेबी साकेत के अनुसार, गोल्डी छिप-छिपकर फोन करती थी और अपने साथ हो रही प्रताड़ना की जानकारी देती थी। उसने बताया कि साहिल उसके कपड़े उतारता, नंगा करके मारता था और उसकी चीखें सुनकर उसे सुकून मिलता था। परिजनों के मुताबिक, जब साहिल और उसके परिवार को पता चला कि गोल्डी अपने रिश्तेदारों से बात कर रही है, तो उसका सिम कार्ड तोड़ दिया गया, जिससे उसका संपर्क पूरी तरह कट गया। फरवरी में गर्भवती होने के बाद उसके साथ और भी अधिक मार-पीट शुरू हो गई। एक बार तो साहिल को उसके हाथ पर बने “मॉम-डैड” टैटू से इतनी चिढ़ हो गई और उसने उसका हाथ जला दिया।

10 मई को हुई मौत, परिवार को 35 दिन बाद मिली जानकारी
Died on May 10, Family Informed After 35 Days
10 मई 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में गोल्डी की मौत हो गई। अगले दिन उसे प्रयागराज में दफना दिया गया। परिवार को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। परिजन करीब एक महीने तक गोल्डी को तलाशते रहे। आखिरकार 6 जून को एक परिचित के जरिए परिवार को बेटी की मौत और दफनाए जाने की जानकारी मिली।
35 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव, हिंदू रीति से हुआ अंतिम संस्कार
Body Exhumed After 35 Days, Last Rites Performed as Per Hindu Customs
परिवार की मांग और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद करीब 35 दिन बाद गोल्डी के शव को कब्र से बाहर निकाला गया। दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया, लेकिन लंबे समय तक दफन रहने के कारण मौत का स्पष्ट कारण नहीं पता चल सका। इसके बाद शव का हिंदू रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार किया गया और अस्थियों का विसर्जन किया गया। परिजनों ने इसे अपने जीवन का सबसे दर्दनाक दिन बताया-जिस बेटी को उन्होंने बड़े अरमानों से पाला था, उसे आखिरी बार देखने के लिए भी उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा।
पुलिस जांच जारी, हिंदू संगठनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
Police Investigation Underway, Hindu Organizations Demand Fair Probe
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिवार हत्या का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग कर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न हो पाने के कारण अब मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर निर्भर है। विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।