Kangana Ranaut's "Generation Gutter" Controversy : "जेनरेशन गटर" कंगना रनौत का बयान ये अपने माता-पिता की कमाई पर ऐशो-आराम करती हैं कंगना ने कहा, "स्वतंत्र जीवन कमाया जाता है" और जो बिना जिम्मेदारी के स्वतंत्रता चाहते हैं, वे "गटर छाप" हैं।
Kangana Ranaut’s “Generation Gutter” Controversy : “जेनरेशन गटर” कंगना रनौत का बयान बना विवाद, छात्रों सहित सोशल मीडिया और राजनैतिक क्षेत्र में बहस-बीजेपी सांसद व अभिनेत्री कंगना रनौत के जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शनों पर ‘जेनरेशन गटर’ वाले विवादित बयान की पूरी कहानी। जानें क्या था आंदोलन, क्या कहा कंगना ने और क्या है विपक्ष की प्रतिक्रिया। जुलाई 2026 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का एक बड़ा आंदोलन देखने को मिला, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन ने NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई। 36 दिनों तक चले इस आंदोलन का समापन तब हुआ जब केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया, जिसमें तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल था। लेकिन इस आंदोलन की चर्चा सिर्फ इसकी सफलता तक सीमित नहीं रही। बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़ी वायरल रील्स को लेकर एक विवादित बयान दिया, जिसने पूरे सियासी और सामाजिक माहौल को गर्म कर दिया। उन्होंने प्रदर्शनकारी युवाओं, खासकर युवा महिलाओं को ‘जेनरेशन गटर’ कहकर संबोधित किया। इस लेख में हम इस पूरे विवाद को संतुलित दृष्टिकोण से समझने की कोशिश करेंगे।
पहले जन लीजिए क्या था जंतर-मंतर छात्र आंदोलन ?
What Was the Jantar Mantar Student Movement
जून 2026 के अंत से दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्र जमा होने लगे थे। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में यह आंदोलन NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के खिलाफ था। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। 20 जून से शुरू हुआ यह आंदोलन 25 जुलाई को समाप्त हुआ, जब सरकार ने मांगें स्वीकार कर लीं और प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विभिन्न पोस्टर, नारे और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अपनी बात रखी।
From late June 2026, thousands of students gathered at Delhi’s Jantar Mantar. Led by the ‘Cockroach Janta Party’ (CJP), this movement was against the alleged NEET-UG paper leak and irregularities in the education system. The protesters demanded the resignation of Education Minister Dharmendra Pradhan. The movement, which began on June 20, ended on July 25 when the government accepted the demands and Pradhan resigned. During the protest, students expressed their views through various posters, slogans, and social media posts.
जानिए की बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने आखिर क्या कहा ?
What Did Kangana Ranaut Say
बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर कई स्टोरीज़ शेयर कर प्रदर्शन की रील्स को ‘घिनौना’ (puke-inducing) बताया। उन्होंने लिखा, “अपनी जिंदगी में मैंने इतनी कुरूपता एक जगह कभी नहीं देखी” और सवाल किया, “इन्हें कौन जन्म दे रहा है और पाल रहा है?”।
उन्होंने खासतौर पर प्रदर्शन में शामिल युवा महिलाओं को निशाना बनाया। उन्होंने उन्हें “तथाकथित पश्चिमीकृत भारतीय महिलाएं” कहा और “जेनरेशन गटर” संबोधित किया।

सांसद व अभिनेत्री कंगना रनौत के आरोप थे-
- ये महिलाएं पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं और घर संभालने लायक भी नहीं हैं
- ये ड्रग्स, शराब और “अंतहीन बॉडी काउंट्स” का गर्व से प्रदर्शन करती हैं
- ये अपने माता-पिता की कमाई पर ऐशो-आराम करती हैं कंगना ने कहा, “स्वतंत्र जीवन कमाया जाता है” और जो बिना जिम्मेदारी के स्वतंत्रता चाहते हैं, वे “गटर छाप” हैं।
- BJP MP Kangana Ranaut shared several Instagram stories, calling the protest reels “puke-inducing”. She wrote, “Never in my life have I seen so much ugliness in one place” and asked, “Who is birthing and raising them?”.
- She specifically targeted young women participating in the protests. She called them “so-called westernised Indian women” and addressed them as “Generation Gutter”. Her allegations included:
- These women are not good at studies and cannot even be homemakers
- They proudly flaunt drugs, alcohol, and “endless body counts”
- They shamelessly live off their parents’ earnings
- Kangana stated, “An independent life needs to be earned” and those who seek independence without accountability are “gutter chaap”.
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं-Political Reactions
कंगना के इस बयान पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी
- AIMIM नेता वारिस पठान- ने बयान को ‘अत्यंत निंदनीय’ बताया और कंगना से Gen Z से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री से भी इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की।
- कांग्रेस नेता भाई जगताप-ने पूछा कि एक महिला होते हुए कंगना को प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर कोई अफसोस क्यों नहीं है।
- समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव- ने भी इस बयान पर तीखा हमला किया।
- राखी सावंत- ने कंगना को “गटर माउथ” और “डायन” कहकर जवाब दिया।
Opposition parties strongly reacted to Kangana’s statement
AIMIM leader Waris Pathan called the remark “highly condemnable” and demanded that Kangana apologise to Gen Z. He also urged the Prime Minister to take note of the matter.
Congress leader Bhai Jagtap asked how, as a woman, Kangana felt no remorse over the harassment and mistreatment of students during the protests.
SP MP Dimple Yadav also strongly attacked the remark.
Rakhi Sawant responded by calling Kangana a “gutter mouth” and a “witch”.
सोशल मीडिया पर बहस-Social Media Debate
सोशल मीडिया पर इस विवाद ने दो खेमों में बंटवारा कर दिया। कुछ यूजर्स ने कंगना का समर्थन किया, तो कुछ ने उनकी आलोचना की। आलोचकों का कहना था कि कंगना NEET पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दों पर चुप रहीं। कुछ ने उनकी अपनी फिल्मों और बॉलीवुड पार्टियों के पुराने विवादों को याद दिलाया। वहीं CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनकी अपनी पार्टी भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेती।
The controversy divided social media into two camps. Some users supported Kangana, while others criticised her. Critics pointed out that Kangana remained silent on the NEET paper leak and student suicides. Some reminded her of her own films and past Bollywood party controversies. Meanwhile, CJP spokesperson Saurav Das remarked that even her own party doesn’t take her seriously.
विश्लेषण-Analysis-इस विवाद ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं-
- व्यक्तिगत टिप्पणी बनाम सार्वजनिक मुद्दा-क्या किसी सांसद को प्रदर्शनकारियों की निजी जीवनशैली पर टिप्पणी करनी चाहिए, जबकि मुख्य मुद्दा NEET पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली की विफलता था?
- पीढ़ीगत अंतर-“जेनरेशन गटर” जैसा शब्द पूरी एक पीढ़ी का अपमान है। क्या एक पीढ़ी को उसके विरोध प्रदर्शन के तरीके के आधार पर आंका जा सकता है?
- महिलाओं के खिलाफ बयान-एक महिला सांसद द्वारा युवा महिलाओं के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल विडंबनापूर्ण है।
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता-प्रदर्शनकारियों की भाषा और सोशल मीडिया पोस्ट भले ही कुछ को असंयमित लगें, लेकिन यह उनकी अभिव्यक्ति का तरीका था।