Rewa Government Model Science College News : कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रो. अभिलाषा श्रीवास्तव को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
Rewa Government Model Science College News : प्रो. अभिलाषा श्रीवास्तव की, 42 वर्षों बाद सेवानिवृत्ति, विद्यार्थियों को शिक्षा-संस्कार दे कर निभाया कर्तव्य-रीवा। शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय, रीवा के इतिहास में आज का दिन एक भावुक अध्याय के रूप में दर्ज किया गया, जब वनस्पति विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अभिलाषा श्रीवास्तव ने 42 वर्षों से अधिक की शानदार एवं अत्यंत समर्पित शैक्षणिक यात्रा को विराम दिया। 30 जून 2026 को उनके सेवानिवृत्त होने के साथ ही महाविद्यालय ने अपनी उस मनीषी को खो दिया, जिन्होंने न केवल पौधों के अध्ययन को प्रयोगशालाओं तक सीमित रखा, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में संस्कार एवं वैज्ञानिक सोच का बीजारोपण भी किया। 2007 में जैव प्रौद्योगिकी विभाग की स्थापना से लेकर सेवानिवृत्ति तक वे इस विभाग की अध्यक्ष रहीं। उनके नेतृत्व में यह विभाग नवाचार और शोध का प्रमुख केंद्र बना। महाविद्यालय परिसर में आयोजित विदाई एवं अभिनंदन समारोह में पूरा परिवार, उनके सहयोगी एवं स्नेही छात्र-समूह एकत्रित हुए और इस अवसर को अत्यंत गरिमामय बना दिया।रीवा के शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय में जैव प्रौद्योगिकी विभाग की संस्थापक प्रो. अभिलाषा श्रीवास्तव 42 वर्षों की शानदार सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुईं। जानें उनके शैक्षणिक योगदान, विदाई समारोह और अनमोल संस्कारों के बारे में विस्तार से।
विदाई सभा में भावनाओं का आदान-प्रदान
Emotional Farewell & Heartfelt Tributes
समारोह के दौरान महाविद्यालय परिवार के वरिष्ठ प्राध्यापकों ने प्रो. श्रीवास्तव के साथ बिताए गए स्वर्णिम पलों को साझा किया। प्रो. शिव कुमार दुबे, प्रो. डी.पी. शुक्ला, प्रो. संजय तिवारी और प्रो. संजय सिंह ने अपने संबोधनों में कहा कि प्रो. अभिलाषा श्रीवास्तव ने सदैव अपनी ज्ञानगरिमा, विनम्रता एवं कार्यनिष्ठा से पूरे संस्थान को नई दिशा प्रदान की। उनका अनुशासनप्रिय स्वभाव और विद्यार्थियों के प्रति अगाध स्नेह उन्हें महाविद्यालय की ‘आदर्श अध्यापिका’ के रूप में स्थापित करता है। विशेष रूप से, पूर्व प्राचार्य डॉ. विजय कुमार श्रीवास्तव (उनके चाचा जी) सहित पूरे पारिवारिक जनों की उपस्थिति ने इस आयोजन को एक अनूठा पारिवारिक सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. भारतेंदु मिश्र ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रो. नीलम पांडे द्वारा किया गया।
डॉ अभिलाषा की शैक्षणिक और प्रशासनिक उपलब्धियां
Academic & Administrative Legacy
प्रो. अभिलाषा श्रीवास्तव के करियर ने महाविद्यालय को कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ दीं। एक शिक्षिका के रूप में उन्होंने शोध एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया। जैव प्रौद्योगिकी विभाग की स्थापना केवल एक कोर्स की शुरुआत नहीं थी, बल्कि यह विद्यार्थियों को आधुनिक जीवन विज्ञान से जोड़ने का उनका दूरदर्शी कदम था। उन्होंने विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच, नैतिक मूल्य और अनुसंधान के प्रति जिज्ञासा पैदा करने के लिए अथक प्रयास किए।
डॉ अभिलाषा की व्यक्तित्व, विशेषताएं और प्रभाव
Personality & Impact
उनकी सबसे बड़ी विशेषता उनकी सरलता, सहयोगी स्वभाव और सकारात्मक सोच थी। सहकर्मी और विद्यार्थी दोनों ही उनके इस गुण के कायल थे। मातृवत स्नेह के कारण छात्र हमेशा उनसे प्रेरणा लेते थे और कठिन से कठिन विषय को भी सरलता से समझ पाते थे। उन्होंने जीव विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को बड़ी सहजता से समझाया और विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक ज्ञान से जोड़ा, जिसके कारण महाविद्यालय का नाम रीवा की शोध-गतिविधियों में अग्रणी रहा।

समारोह में विशेष रहा सम्मान और विदाई का आलम
Felicitation & Best Wishes
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रो. अभिलाषा श्रीवास्तव को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। सभी उपस्थितजनों ने उनके उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सक्रिय भविष्य की कामना की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि यह 42 वर्षों का सफर केवल नौकरी नहीं, बल्कि अमूल्य धरोहर है, जिसे वे हमेशा संजोकर रखेंगी। उन्होंने सभी सहकर्मियों एवं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए महाविद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।
निष्कर्ष-Conclusion-प्रोफेसर अभिलाषा श्रीवास्तव का जीवन शिक्षा, सेवा और संस्कार का अद्वितीय संगम है। 42 वर्षों का यह गौरवशाली कार्यकाल शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बना रहेगा। उनके द्वारा स्थापित जैव प्रौद्योगिकी विभाग, उनके द्वारा पढ़ाए गए हजारों छात्र और उनके सिद्धांत आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा की सही दिशा दिखाते रहेंगे। महाविद्यालय परिवार उनके योगदान को सदैव नमन करता रहेगा।