Rajasthan Minor Rape Case 2026 : 1 जुलाई 2026 की तड़के तीन बजे जिला प्रशासन ने उन चार होटलों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की, जहाँ यह दरिंदगी हुई थी।
Rajasthan Minor Rape Case 2026 : दर्दनाक पांच दिन,13 साल की मासूम, 32 दरिंदे-राजस्थान का गंगानगर शर्मसार-राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय बच्ची के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की पूरी कहानी-ई-रिक्शा चालक से अपहरण, होटलों में बेचा जाना, 32 आरोपियों की दरिंदगी, 18 गिरफ्तारियाँ और प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई। पढ़ें इस संवेदनशील मामले की विस्तृत रिपोर्ट-राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने पूरे देश की मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। मात्र 13 वर्ष की एक मासूम बच्ची को ई-रिक्शा चालक ने अपहरण कर होटल संचालकों को बेच दिया, जिसके बाद पाँच दिनों तक उसे अलग-अलग होटलों में बंधक बनाकर 32 से अधिक लोगों ने उसकी अस्मत को तार-तार किया। यह घटना 18 से 23 जून 2026 के बीच घटी। जब-जब पीड़िता दर्द से चीखती, आरोपी उसे नशीले पदार्थ देकर चुप कराते रहे। पुलिस ने अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि जिन चार होटलों में यह दरिंदगी हुई, उन्हें बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। यह लेख इस जघन्य अपराध की पूरी कड़ी, पुलिस कार्रवाई और समाज के सामने खड़े सवालों को विस्तार से प्रस्तुत करता है।
आइए पहले जानते हैं कैसे हुई यह हैवानियत ?
How Did This Atrocity Unfold
18 जून 2026 को पीड़ित बच्ची अपनी सहेली से मिलने श्रीविजयनगर गई थी। परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द लौट आएगी, लेकिन उसका संपर्क अचानक टूट गया। उसी रात करीब 10:30 बजे बच्ची श्रीगंगानगर पहुँची और घर जाने के लिए एक ई-रिक्शा में बैठी। आरोप है कि रामबाबू नाम के इस ई-रिक्शा चालक ने बच्ची को बातों में उलझाकर उसे होटल जॉय इन ले गया।
होटलों में बिक्री और पांच दिन की दरिंदगी
Sold to Hotels and Five Days of Brutality
ई-रिक्शा चालक ने बच्ची को होटल संचालकों को बेच दिया। इसके बाद 18 से 23 जून के बीच उसे होटल जॉय इन, होटल सैफायर और होटल खुंगर सहित चार होटलों में एक से दूसरे स्थान पर ले जाया गया। पांच दिनों तक 32 से अधिक लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता के अनुसार, जब भी वह दर्द से चीखती, आरोपी उसे शराब पिलाते रहे।
बचाव और जांच की शुरुआत
Rescue and Commencement of Investigation
22 जून को बच्ची की मां ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस ने होटल जॉय इन पर छापा मारा और बच्ची को बरामद कर लिया। महिला थाना प्रभारी द्वारा पीड़िता की संवेदनशील काउंसलिंग के दौरान पूरी घटना का खुलासा हुआ। बच्ची के बयान के आधार पर पॉक्सो एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और देह व्यापार संबंधी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया।
अब तक की गिरफ्तारियां
Arrests Made So Far
पुलिस ने अब तक कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ई-रिक्शा चालक रामबाबू, होटल संचालक मयंक सैन, प्रबंधक हरदीप नाथ और सचिन शामिल हैं। हाल ही में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव के अनुसार, जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य संलिप्त लोगों की पहचान की जा रही है।

प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई
Administrative Bulldozer Action
1 जुलाई 2026 की तड़के तीन बजे जिला प्रशासन ने उन चार होटलों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की, जहां यह दरिंदगी हुई थी। जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव और एसपी हरिशंकर यादव के निर्देशन में होटल खुंगर, जॉय इन, सैफायर और ड्रीम होटल को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान 50 से अधिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। यह कार्रवाई अवैध निर्माण और होटलों में चल रही अवैध गतिविधियों के आधार पर की गई।
सार्वजनिक आक्रोश और विरोध प्रदर्शन
Public Outrage and Protests
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे श्रीगंगानगर में गुस्से की लहर दौड़ गई। लोग सड़कों पर उतर आए और दोषियों के लिए कठोरतम सजा की मांग की। कांग्रेस पार्टी ने भी प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। विभिन्न राजनीतिक दलों, महिला संगठनों और सामाजिक संगठनों ने जिला कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। जनता के दबाव के बाद ही प्रशासन ने होटलों पर बुलडोजर कार्रवाई की।