Ketan Agrawal Pune murder case 2026 : सोनम रघुवंशी के नक्शेकदम पर सिया
Ketan Agrawal Pune murder case 2026 : लोहगढ़ किले पर प्रेमी संग मंगेतर ने रची हत्या की साजिश, पुलिस ने दोनों को किया गिरफ्तार-पुणे के ऐतिहासिक लोहगढ़ किले पर एक युवक की मौत को पहले हादसा माना गया, लेकिन पुलिस जांच ने चौंकाने वाला खुलासा किया। मृतक की मंगेतर ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर शादी से बचने के लिए उसे खाई में धकेल दिया था। पुणे पुलिस ने एक युवती को अपने मंगेतर की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसके साथी को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि युवती ने अपने साथी की मदद से मंगेतर को लोहगढ़ क़िले से धक्का दे दिया। पुलिस ने पत्रकारों को बताया कि इसके बाद युवती ने इसे हादसे का रूप देने की कोशिश की थी।मृतक युवक का नाम केतन अग्रवाल (26) है, जो पुणे के एक प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कारोबारी परिवार से थे। पुलिस ने हत्या के आरोप में सिया गोयल (20) और उनके साथी चेतन चौधरी (22) को गिरफ्तार किया है।
हत्या की साजिश-The Murder Conspiracy
सिया गोयल अपने मंगेतर केतन अग्रवाल के साथ महाराष्ट्र के पुणे में स्थित लोहगढ़ किला घूमने गई थीं। दोनों की सगाई इसी साल फरवरी 2026 में हुई थी और शादी नवंबर में होनी थी। शादी के लिए 17 करोड़ रुपये का राजस्थान में पैलेस बुक किया गया था और मेहमानों के लिए दो निजी विमानों की व्यवस्था की गई थी। हालांकि जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि शादी तय होने से पहले ही सिया का एक अन्य युवक चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था। सिया, चेतन के साथ रिश्ते में होने की वजह से केतन के साथ तयशुदा शादी के लिए राज़ी नहीं थी। पुलिस के अनुसार, सिया को केतन अपने और चेतन के रिश्ते में बाधा लगने लगा था। पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि दोनों ने शादी से बचने के लिए मिलकर केतन की हत्या करने का फ़ैसला किया। आरोप है कि दोनों ने हत्या को हादसा दिखाने के लिए केतन को लोहगढ़ क़िले से धक्का देकर मारने की साज़िश रची।
बाली ट्रिप का पासपोर्ट “चोरी” – The Bali Trip Passport “Theft”
हत्या से पहले भी आरोपियों ने एक बड़ी साजिश रची थी। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने आरोप लगाया कि 6 जून को केतन, सिया, केतन की बहन और सिया का भाई बाली घूमने जा रहे थे। चारों के पासपोर्ट एक पाउच में थे। लोनावला में एक फूड मॉल में सिया ने फोन लाने के बहाने कार में वापस जाकर पाउच से केतन का पासपोर्ट निकाल लिया। एयरपोर्ट पहुंचने पर जब पासपोर्ट गायब मिला तो केतन को यात्रा रद्द करनी पड़ी। केतन के पिता ने इसे साजिश का हिस्सा बताया।

18 जून-हत्या को अंजाम- The Murder Executed
18 जून को, अपने जन्मदिन (19 जून) से एक दिन पहले, सिया ने केतन के साथ लोहगढ़ किले पर ट्रेकिंग करने पर जोर दिया। दोनों सुबह 8:30 बजे गहुंजे से निकले और एक घंटे में किले की तलहटी पहुंचे। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध शख्स दिखा, जो गर्मी के मौसम में हूडी पहने हुए था और युगल के पीछे-पीछे चल रहा था। यह शख्स चेतन चौधरी निकला। पुलिस के अनुसार, चेतन ने युगल से पहले ही किले पर पहुंचकर उनका पीछा किया। किले के एक सुनसान किनारे पर पहुंचकर, सिया और चेतन ने मिलकर केतन को 350 फीट (करीब 400 फीट) गहरी खाई में धकेल दिया। केतन के पिता ने आरोप लगाया कि धकेलने से पहले आरोपियों ने किसी वस्तु से केतन पर हमला भी किया।
हादसे का झांसा और पुलिस जांच-
Faking an Accident and Police Investigation
घटना के बाद सिया ने शोर मचाया और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को मदद के लिए बुलाया। उसने पुलिस को बताया, “क़िले में घूमते समय केतन का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में गिर गया”। इसी वजह से पुलिस ने शुरुआत में मामले को आकस्मिक मौत के तौर पर दर्ज किया। 19 जून को अपने जन्मदिन पर सिया ने सोशल मीडिया पर केतन के साथ एक इमोशनल पोस्ट भी शेयर की, जिसमें उसे श्रद्धांजलि दी।
पुलिस को कैसे हुआ शक-जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो कुछ बातें संदिग्ध लगीं
- केतन एक अनुभवी ट्रेकर थे, उनका पैर फिसलना असंभव लग रहा था
- कुछ रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ दिनों में केतन और सिया के बीच कई बार बहस हुई थी
- सिया ने केतन की मौत पर कोई दुख नहीं दिखाया
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और लोकेशन डेटा ने सिया और चेतन के बीच संबंधों की पुष्टि की। सीसीटीवी फुटेज से चेतन की किले पर मौजूदगी साबित हुई।
गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत-Arrest and Judicial Custody
केतन के पिता विशाल अग्रवाल की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने चेतन चौधरी को 22 जून की रात और सिया गोयल को 23 जून की सुबह गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
कोर्ट का आदेश :- 23 जून को दोनों आरोपियों को वड़गांव मावल कोर्ट में पेश किया गया। चेतन के वकील राम शहाने ने पुलिस हिरासत का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने दोनों को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पिता का बयान और मां की पीड़ा-Father’s Statement and Mother’s Agony
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा, “अगर वह शादी नहीं करना चाहती थी, तो वह साफ़ तौर पर मना कर सकती थी। हम तुरंत शादी रद्द कर देते”। उन्होंने आगे कहा, “उनकी सोच इतनी क्रूर है कि किसी के 26 साल के बेटे की हत्या कर दी गई। समाज को ऐसी क्रूर सोच पर ध्यान देने की ज़रूरत है”। केतन की मां पाखी अग्रवाल ने कहा, “आज मेरा बेटा हमसे बिछड़ गया। सिया और उसका प्रेमी इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं। मैंने सिया को अपनी बहू माना था”। उन्होंने कहा कि सिया कई बार घर आई, साथ शॉपिंग की, लेकिन कभी शक नहीं हुआ। उन्होंने आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की। परिवार ने मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की भी मांग की है।
वकील का बचाव पक्ष-Defense Lawyer’s Argument
हालांकि चेतन चौधरी के वकील राम शहाने ने दावा किया कि पुलिस के पास चेतन के लोहगढ़ इलाके में मौजूद होने का कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने कहा, “अभियुक्त नंबर दो चेतन चौधरी के खिलाफ इस एफआईआर में कोई सीधा आरोप नहीं है। उसे सिर्फ लड़की का दोस्त होने के कारण इस मामले में शामिल किया गया है”। हालांकि पुलिस का दावा है कि तकनीकी सबूतों के आधार पर चेतन की मौजूदगी साबित हो चुकी है।